कुछ तुम कहो...
कुछ हम कहे...
सिलसिला सदा चलता रहे..
है फिर भी कितनी...
अनकही बाते...
हर पल मन मचलता रहे..
दूर हो हम...
या पास रहे...
दिल तो फिर भी तड़पता रहे...
कुछ तुम कहो...
कुछ हम कहे...
सिलसिला सदा चलता रहे..
द्वारा - सौरभ बजाज
Neither I am a perfectionist nor I want to be... I just want to live my life like a normal person and give happiness to others...
Thursday, December 2, 2010
Tuesday, November 30, 2010
कि तेरा ज़िक्र है, या इत्र है...
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कि तेरा ज़िक्र है, या इत्र है...
जब जब करता हूँ...
महकता हूँ...
बहकता हूँ...
चहकता हूँ...
तेरी फ़िक्र है, या फक्र है...
जब जब करता हूँ...
मचलता हूँ...
उछलता हूँ...
फिसलता हूँ...
पागल की तरह,
मस्तियों में टहलता हूँ...
कि तेरा ज़िक्र है, या इत्र है...
Monday, November 29, 2010
Breathless...
I am Breathless...
कोई जो मिला तो मुझे ऐसा लगता हैं...
जैसे मेरी सारी दुनिया मैं गीतों की रुत...
और रंगों की बरखा है खुश्बू की आँधी है...
महकी हुई सी अब सारी फ़िज़ाए हैं...
बहकी हुई सी अब सारी हवाएँ हैं...
खोई हुई सी अब सारी दिशाएं हैं...
बदली हुई से अब सारी अदाएँ हैं...
जागी उमंगे हैं, धड़क रहा है दिल...
सपनों मे तूफान हैं, होठों पे नगमे हैं...
आखों मैं सपने हैं, सपनों मैं बीते हुए...
से वो सारे लम्हे हैं...
कोई जो मिला तो मुझे ऐसा लगता हैं...
जैसे मेरी सारी दुनिया मैं गीतों की रुत...
और रंगों की बरखा है खुश्बू की आँधी है...
महकी हुई सी अब सारी फ़िज़ाए हैं...
बहकी हुई सी अब सारी हवाएँ हैं...
खोई हुई सी अब सारी दिशाएं हैं...
बदली हुई से अब सारी अदाएँ हैं...
जागी उमंगे हैं, धड़क रहा है दिल...
सपनों मे तूफान हैं, होठों पे नगमे हैं...
आखों मैं सपने हैं, सपनों मैं बीते हुए...
से वो सारे लम्हे हैं...
Friday, November 19, 2010
Dhobi Ghat (Mumbai Diaries) - Official Trailer
It looks very promising... Somehow the Mumbai life enthralls me always... I am also waiting for the movie "Shantaram", the book was awesome...
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